जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा । हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।। About real God आज से लगभग पाँच हजार वर्ष पहले कोई भी धर्म …
Read moreपरम अक्षर ब्रह्म गीता ज्ञान दाता से अन्य है। गीता ज्ञान दाता ने स्वयं गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है कि हे भारत! तू सर्वभाव से उस परमेश्वर अर्थात् परम अक्षर …
Read moreसूक्ष्मवेद में कहा कि:- “भजन करो उस रब का, जो दाता है कुल सब का” श्रीमद् भगवत् गीता अध्याय 15 श्लोक 1 से 4 तथा 16.17 में कहा है कि यह संसार ऐसा है जैसे पीपल का…
Read moreकबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान। गुरू बिन दोंनो निष्फल है, पूछो वेद पुराण।। कबीर, राम कृष्ण से कौन बड़ा, उन्हों भी गुरू कीन्ह। तीन लोक के वे धनी, गुरू आगे …
Read moreसच्ची बाते -1 एक ब्रह्मण्ड में एक ब्रह्मलोक की रचना की है। उसी में तीन गुप्त स्थान बनाए हैं। एक रजोगुण प्रधान स्थान है जहाँ पर यह ब्रह्म (काल) स्वयं महाब्रह्मा (मुख्…
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